Latest Activity

Charushila Ramkrishna Chinchkar updated their profile
yesterday
Satbir Chauhan posted an event
Thumbnail

ETD - 2026 : 29th International Symposium of Electronic Theses and Dissertations (ETDs) at IIT Delhi

October 23, 2026 at 9am to October 25, 2026 at 6pm
yesterday
Moin Raza posted a blog post
Saturday
Sanjeev Kumar updated their profile
Jul 15
S. Jaffer Basha left a comment for Pallavi Sushant Sapkal
Jul 15
Syed Abdal Ahmad Khan updated their profile
Jul 14
ASHWINI KULKARNI and KUMAR RAJ are now friends
Jul 12
Salauddeen khan posted a blog post
Jul 12
Anuj Kumar Singh posted a blog post
Jul 11
Dr. Saurabh Prajapati updated their profile
Jul 11
Nagender Singh updated their profile
Jul 10
Sunita Pareek posted an event
Jul 7
Dr. U. PRAMANATHAN and Akshay Subhash Gadade are now friends
Jul 6
Dr. U. PRAMANATHAN posted a discussion
Jul 6
Dr.Akash Kumar Singh replied to Yogesh Awasthi's discussion Admission Notice from G. F. College, Shahjahanpur, U.P.
Jul 6
Akshay Subhash Gadade shared a profile on Facebook
Jul 4
Bidyut Bikash Kalita updated their profile
Jul 4
Dr. Sheel Bhadra Yadav posted a discussion
Jul 3
chinnadurai.D posted a discussion
Jul 3
Dr. Shivangkumar Bhaskarbhai Mah updated their profile
Jul 1
Dr MUSHEER KHAN
  • 40, Male
  • Aligarh (UP)
  • India
Share on Facebook
  • Job Posts
  • Forum
  • Events
  • Groups
  • Photos
  • Photo Albums

Dr MUSHEER KHAN's Friends

  • SAGHIR ALAM KHAN
  • Mubashshir Ali
  • Naushad Ali
  • Vikram Raghuvanshi
  • farheen zehra
  • Nihad Faisal
  • Mehfoozul Hasan
  • FARIDA KHAN
  • Pushpanjali Shriram Patil
  • Reejo M. Lawrance
  • Shazia Khan
  • Nazia Salauddin
  • Mohammad Mazhar Khan
  • Archana Meena
  • Dr. Ghante Pradipkumar

RSS

देखिये किस तरह दी गई अयलान कुर्दी को श्रद्धांजलि

फिलीस्तीन ने गाजा स्ट्रिप के एक समुद्र तट पर सोमवार को उस नन्हे से बच्चे अयलान कुर्दी को रेत मूर्तिकला के रूप में श्रद्धांजलि अर्पित की, जो सीरिया युद्ध से भागते वक्त डूब गया था।
लोगों ने वैसे ही लाल और नीले रंग के कपड़ों के साथ उसी स्थति में लेट कर एलान कुर्दी को श्रद्धांजलि अर्पित की ।
आपको बता दें जब अयलान की तस्वीर ली गयी तब उसका शरीर बोडरम, जो की तुर्की के मुख्य पर्यटक रिसॉर्ट में से एक है उसके पास के ही रेत पर मृत अवस्था में मिला था जिसमें उसका चेहरा नीचे की ओर झुका था।
लगभग 30 लोगों ने 20 मिनट के लिए रेत में निहित चेहरा नीचे कर उसी रंग के कपड़े पेहेन कर श्रद्धांजलि देने के लिए भाग लिया।
इससे पहले भी दुनिया भर से कई लोगों ने अयलान कुर्दी को अपने-अपने अद्भुत तरीको चित्रो के माध्यम से श्रद्धांजलि अर्पित की थी।

वाह रे भारत की पत्रकारिता, जहां भूक से एक मां की मौत हो जाती है लेकिन मीडिया इंद्राणी के धुन में मस्त है

लगभग दो सप्ताह से भारतीय मीडिया जगत में इंद्राणी मुखर्जी की खबरें जोरों पर दिखाई  जा रही हैं। जिसके कारण कई बुद्धिजीवियों ने टीवी चैनलों की इस भटकी हुई प्राथमिकता पर सोशल मीडिया के जरिए अपनी भावनाओं को व्यक्त भी  किया है.
इन टीवी चैनलों ने इंद्राणी मुखर्जी की खबरें परत दर परत दिखाने में कोई कसर नहीं छोड़ी, किस प्रकार इंद्राणी ने अपनी बेटी की हत्या की जिसे पहले बहन कहा जा रहा था, वो भी ऐसे समय जब पूरा गुजरात हिंसा की आग में झुलस रहा था।
इतना ही नहीं,  हद तो तब हो गई जब इन चैनलों पर हेडलाइंस ये चलने लगे कि  ‘इंद्राणी ने सैंडविच खाया , इंद्राणी खार पुलिस स्टेशन पहुंची, मुंबई पुलिस कमिश्नर खार पुलिस स्टेशन पहुंचे, फिर वह खार पुलिस स्टेशन से बाहर गए और भी बहुत कुछ। मानो आप खबर नहीं क्राइम थ्रिलर की रनिंग कमेंटरी सुन रहे हों। एक टीवी संपादक ने मुझे ट्विटर के जरिए बताया कि गुजरात औऱ इंद्राणी से भी महत्वपूर्ण खबर सीरियाई संकट है तो क्या उन की सारी कवरेज सीरिया पर होनी चाहिए?
इस तरह के बेतुका तर्क का क्या उत्तर दिया जाए। उनके तर्क की अनुसार खबर का चयन उस की महत्वता पर नहीं बल्कि ग्लैमर, सनसनी फैलाने वाले तत्त्व और अनावश्यक नाटक पर होना चाहिए।
मैंने इससे पहले भी लिखा था कि क्या इंद्राणी मुखर्जी की कहानी गुजरात हिंसा से भी बड़ी खबर थी जबकि गुजरात पुलिस का भयावह चेहरा सीसीटीवी कैमरे मैं क़ैद होकर पूरी दुनिया के सामने आ गया था। क्या हमारी पत्रकारिता का स्तर इस हद तक गिर गया है की अब हमारे पास लोगों को दिखाने केलिए सिर्फ़ ये बचा है कि एक पूर्व स्टार इंडिया के मुख्य कार्यकारी अधिकारी की पत्नी सैंडविच खाती हैं या फिर कुछ और?
वो भी ऐसे समय जब देश के  पूर्वी और उत्तर-पूर्वी भारत का एक बड़ा भाग भीषण बाढ़ की चपेट में है। केवल असम में ही 50 लोगों की जानें जा चुकी हैं, पंद्रह लाख लोग इस से प्रभावित हुए हैं और दो लाख लोगों को इस समय कैंप में रहना पड़ रहा है। उधर मणिपुर में प्रांतवाद के नाम पर भड़के प्रदर्शनकारियों ने अपने निर्वाचित प्रतिनिधियों के घरों को आग के हवाले कर दिए, इस हिंसा में आठ लोग मारे भी गए। इतना ही नहीं भारत के दक्षिणी भाग में ख्यातिप्राप्त और बुद्धिवादी विचारक एक विद्वान डॉ. मल्लेसपा कलबुर्गी को मार डाला गया फिर इन सब के बीच महाराष्ट्र के मराठवाड़ा क्षेत्र में भयावह सूखा  का आलम ये है की सिर्फ पिछले आठ महीनों में यहां 628  लोगों की जान जा चुकी हैं।
लेकिन इन कहानियों का मीडिया बिरादरी के बीच कोई खरीदार नहीं लगता। कितना अच्छा होता यदि ‘इंद्राणी ने सैंडविच खाया’ या नहीं की जगह अगर मीडिया खास कर न्यूज चैनल में मेरे दोस्त ये भी दिखाते कि  मनीषा या उसके पाँच बच्चों ने खाना खाया या नहीं तो शायद हमारी छोटी से कोशिशों से आज किसी महिला को अपने बच्चों को भूख से बिलकते देखने की शर्मिन्गी से जान न गंवानी पड़ती।
रक्षाबंधन के दिन जब देश भर में भाइ अपनी बहनों की रक्षा करने के लिए अपनी प्रतिज्ञा का नवीकरण कर रहे थे तब महाराष्ट्र के मराठवाड़ा क्षेत्र में एक असहाय 40 वर्षीय महिला किसान मनीषा गटकल खुद को आग लगाने के लिए अपने उपर मिट्टी का तेल डाल रही थी। जो शायद भारत में किसानों द्वारा किए जाने वाले आत्महत्या की चक्र में पहली महिला बन गई।

आतंकवादी की परिभाषा अलग अलग समय पर अलग अलग होता है और सजा भी अलग अलग होता है। क़ानून सब के लिए बराबर है इस बात से किसी को इंकार नहीं, परन्तु इस पर अमल व्यक्ति विशेष, जाती विशेष, धर्म विशेष देख कर ही होता है। लेहाज़ा यह कहना की हर आतंकवादी को फांसी दो, आँख में पट्टी बंधी हुई न्यायिक व्यवस्था को चुनौती के सामान होगा। फांसी रुके या न रुके, आतंकवाद ज़रूर रुकना चाहिए और यही सभी हिन्दुस्तानी का लक्ष होना चाहिए। जय हिन्द

धर्म

दुनिया मैं बहुत कम ही लोग होंगे जो अपने मन से किसी धर्म को अपनाये होंगे , बाक़ी लोग तो इस लिए हिन्दू ,मुसलमान, ईसाई ,सिख हैं क्योँ की इनके बाप ,दादा हिन्दू, मुसलमान ,ईसाई, सिख थे।

अगर मनुस्मृति को फिर हिंदुओं का कानून बना दिया जाये तो सभी दलित सिर्फ मैला साफ़ करने के लायक रहेंगे। दलित न वेद् सुन पायेगा और न मंदिर मैं पूजा। आरएसएस उसी मनुस्मृति के कानून को मानता है।
 

Dr MUSHEER KHAN's Page

Profile Information

Type of Working Institute
Aligarh Muslim University
Your Highest Qualification in Library and Information Science
Ph.D
Name of the Indian State of Permanent Residential Address
Uttar Pradesh

Comment Wall (8 comments)

You need to be a member of LIS Links to add comments!

Join LIS Links

At 17:23 on September 18, 2015, SAGHIR ALAM KHAN said…
HAPPY BIRTHDAY
At 15:02 on September 18, 2014, SAGHIR ALAM KHAN said…
HAPPY BIRTHDAY.
At 18:03 on September 18, 2013, Afroz Alam said…

At 19:32 on September 18, 2012, Shameem Afzal said…

Dear Happy Birthday

At 18:39 on September 18, 2012, Afroz Alam said…

At 22:17 on September 18, 2009, Deepak Shukla said…

Dear Sir

bdy
Deepak Shukla IIHMR Delhi
Birthday Orkut Scraps @ ScrapsLive.com
At 23:29 on May 21, 2009, Kanaka said…
fien how ru
At 1:30 on May 21, 2009, Badri vishal shukla said…
hi hu r u ...............
 
 
 

© 2026   Created by Dr. Badan Barman.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service

LIS Links whatsApp